डिप्टी सीएम के निर्देशों के बाद हालत हुए और अधिक बेकाबू
गुरसरांय(झांसी)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय का डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के निरीक्षण उपरांत पायी गयी गंभीर अनिमितताओं को जल्द से जल्द सुधारे जाने के सीएमओ झांसी को दिए निर्देशों के बाद भी सुधरते नजर नहीं आ रहे हैं और हालात यहां तक पहुंच गए है कि मरीजों की संख्या गुरसरांय स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी की उदासीनतापूर्ण कार्यशैली के चलते यहाँ प्रतिदिन ओटी की संख्या दिनों-दिन मरीजों को स्वास्थ्य सुविधा नि:शुल्क न मिलने के चलते मरीजों की संख्या गिरती जा रही है और पिछले हफ्ते जहां मरीजों के साथ उनके इलाज में आनाकानी करने के चलते मरीजों को जिला मुख्यालय की दूरी तय कर जाना पड़ा था और यह मामलें अखबारों में भी प्रकाश में आए थे जिसके चलते जिले के डिप्टी सीएमओ का एक पैनल यहां की व्यवस्थाओं को सुधारने की दिशा में गुरसरांय सीएचसी आया था और नागरिकों के बीच बेहतरीन व्यवस्था बनाने की बात हुई थी लेकिन प्रभारी चिकित्साधिकारी की कार्यशैली के चलते 13 जनवरी मंगलवार को देर शाम इमरजेंसी में ग्राम सौनकपुरा का मानवेन्द्र नाम का एक व्यक्ति गुरसरांय आया था लेकिन उसका एक्सरा भी यहाँ पर नही किया गया। तब मरीज के तीमारदार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुरसरांय से उसे स्ट्रेचर पर लादकर प्राइवेट अस्पताल में एक्सरा कराने के लिए ले गए थे। इस प्रकार सीएचसी गुरसरांय के हालत यह बने हुए हैं सिर्फ पैसा कमाने के चक्कर में अल्ट्रासाउंड तो कहीं कोई और अन्य परीक्षण को लेकर बाहर मरीजों को कमीशनखोरी के चक्कर में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की जगह मरीजों को परेशान कर लूटा जा रहा है। आखिरकार स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी से लेकर प्रशासन और प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री जिनके पास स्वास्थ्य विभाग का जिम्मा है यहाँ तैनात दोषी डॉक्टरों के विरुद्ध कार्यवाही करने में क्यों हिचकिचा रहे हैं जिसके चलते यहां तैनात प्रभारी चिकित्साधिकारी का मनोबल बढ़ा हुआ है और स्वास्थ्य सेवाओं में दिन-प्रतिदिन गुरसरांय के हालत बहुत गंभीर हालत में बिगड़ चुके है। नगर व क्षेत्र के लोगों ने गुरसरांय स्वास्थ्य केंद्र पर जल्द स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर करने के साथ-साथ लापरवाह मरीजों को परेशान करने वाले एवं यहां पर व्यवस्था के नाम पर अव्यवस्था फैलाने वाले जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की है।


