इंदरगढ़/दतिया।
बरसात ने इंदरगढ़ नगर परिषद की व्यवस्थाओं की पोल खोलकर रख दी है। नगर के सांदीपनि शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जलभराव की गंभीर समस्या को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। उनका आरोप है कि नगर परिषद की लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण मासूम बच्चों को गंदे पानी से होकर स्कूल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
धरने पर बैठे अंशुल शर्मा और दीपक खटीक ने कहा कि नगर में बनी शासकीय खाई को भी नगर परिषद द्वारा मिट्टी डालकर अतिक्रमण कराया जा रहा है, जिससे बारिश के पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई है। इसका सीधा असर स्कूल पर पड़ा है और पूरा परिसर जलभराव की चपेट में है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “जब तक स्कूल परिसर से पानी नहीं निकाला जाता और प्रशासन की ओर से ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक हमारा अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।”
धरनारत कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद पर जनहित की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि कई शिकायतों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल—
क्या नगर परिषद बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद खुलेगी? यही सवाल आज इंदरगढ़ की जनता भी पूछ रही है।


