रक्सा थाना क्षेत्र के बमेर गांव में एक रेलवे वेंडर ने ड्यूटी से लौटने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक जसवंत पुत्र जुगराज (42) कुछ दिनों से अवसाद में था। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, जसवंत झांसी रेलवे स्टेशन पर वेंडर का काम करता था। वह अपनी 75 वर्षीय मां गुमिया पाल के साथ गांव में रहता था। आज सुबह करीब 12 बजे वह अपनी ड्यूटी खत्म कर घर लौटा।
घर आने के बाद उसने खाना खाया और अपनी मां से कुछ देर के लिए बाहर जाने को कहा। इसके बाद वह सोने का बहाना बनाकर कच्चे मकान में चला गया। वहां उसने लकड़ी के मियार से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।
दोपहर करीब 3 बजे जब मां गुमिया पाल घर वापस आईं, तो उन्होंने अपने बेटे को फंदे से लटका देखा। उनकी चीख-पुकार सुनकर मोहल्ले के लोग इकट्ठा हो गए। तत्काल रक्सा पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही रक्सा पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फॉरेनसिक टीम (FSL) को भी बुलाया गया था।
मृतक के चचेरे भाई रवि पाल ने बताया कि जसवंत की पत्नी उसे 20 वर्ष पहले छोड़कर चली गई थी। तभी से वह रेलवे स्टेशन पर वेंडर का काम कर रहा था। परिवार के सदस्यों के अनुसार, वह कुछ समय से परेशान चल रहा था। मृतक का बड़ा भाई मुन्ना लाल पाल पास में ही रहता है, लेकिन जसवंत अपनी मां के साथ रहता था और बड़े भाई से उसकी बोलचाल नहीं थी।
रक्सा थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह ने पुष्टि की है कि मामले की आगे की जांच जारी है।


