Explore

Search

September 5, 2026 2:13 pm

best news portal development company in india

श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस पर सुदामा चरित्र का हुआ भावपूर्ण वर्णन

 

 

*रिपोर्ट मानवेंद्र सिंह गुर्जर ध्रुव जी*

 

समथर (झांसी)। नगर के मोहल्ला नईबस्ती में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के सप्तम दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच कथा का आयोजन संपन्न हुआ। कथा प्रारंभ होने से पूर्व कथा परीक्षित श्रीमती सावित्री श्रीकृष्ण व्यास ने कथा व्यास शुभम कृष्ण शास्त्री के सान्निध्य में ठाकुर जी एवं व्यास गद्दी का वैदिक विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया।

कथा के दौरान व्यास जी ने भगवान श्रीकृष्ण और उनके परम मित्र सुदामा के पावन प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए बताया कि सच्ची मित्रता धन-दौलत की नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और समर्पण की प्रतीक होती है। उन्होंने कहा कि सुदामा चरित्र हमें सिखाता है कि भगवान अपने भक्तों के प्रेम के आगे सभी वैभवों को तुच्छ मानते हैं। निर्धन ब्राह्मण सुदामा जब अपने मित्र भगवान श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका पहुंचे तो भगवान ने स्वयं उनके चरण धोकर मित्रता का सर्वोच्च आदर्श प्रस्तुत किया। सुदामा ने कभी भगवान से धन या वैभव की याचना नहीं की, फिर भी श्रीकृष्ण ने उनकी भक्ति और प्रेम से प्रसन्न होकर उनका जीवन सुख-समृद्धि से भर दिया।

कथा व्यास ने कहा कि सुदामा चरित्र का मुख्य संदेश विनम्रता, संतोष, निस्वार्थ मित्रता और ईश्वर के प्रति अटूट श्रद्धा है। जो व्यक्ति जीवन में अहंकार का त्याग कर सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है, उस पर प्रभु की कृपा अवश्य बरसती है।

इस अवसर पर व्यास जी ने श्रीमद्भागवत महापुराण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला आध्यात्मिक ज्ञान का महासागर है। श्रीमद्भागवत में भगवान के दिव्य चरित्रों, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का समन्वय मिलता है। इसके श्रवण से मनुष्य के भीतर सकारात्मक विचारों का संचार होता है, मानसिक शांति प्राप्त होती है तथा जीवन में धर्म, प्रेम और सदाचार की भावना विकसित होती है। भागवत कथा का श्रवण मनुष्य को सांसारिक मोह-माया से ऊपर उठाकर ईश्वर की भक्ति से जोड़ता है।

कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान की आरती में सहभागिता कर धर्मलाभ प्राप्त किया। इसके बाद पंडाल में उपस्थित सभी भक्तजनों को महाप्रसाद वितरित किया गया। कथा स्थल पर पूरे समय भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालु कथा का रसपान कर भावविभोर होते रहे।

इस अवसर पर ओमप्रकाश व्यास, जयप्रकाश, दुर्गेश व्यास, राकेश मिश्रा, साकेत महंत, अजय, रानू, राजकुमार,भूरे व्यास,प्रमोद,कल्लन व्यास, संजय व्यास,अभिषेक,आशीष,कार्तिकेय, तनु,ध्रुव,ऋषि, किट्टू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Nitya Express
Author: Nitya Express

Advertisement
best news portal development company in india
लाइव क्रिकेट स्कोर
best news portal development company in india