दतिया।मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अब प्रशासन गांव-गांव जाकर सीधे लोगों से संवाद स्थापित कर रहा है। इसी पहल के तहत दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े और पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा ने ग्राम बीकर पहुंचकर ग्रामीणों के बीच रात्रि विश्राम किया और उनकी समस्याओं को सुना।
सीएम के निर्देश पर एक्शन….
प्रदेश सरकार द्वारा प्रशासनिक व्यवस्था को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के उद्देश्य से यह नई पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे गांवों में जाकर रात्रि विश्राम करें और ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित करें। इसका उद्देश्य योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानना और समस्याओं का मौके पर समाधान करना है।
बीकर गांव पहुंचे अधिकारी….
इसी क्रम में दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े एवं पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बीकर पहुंचे। अधिकारियों के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन के सामने रखे।
ग्रामीणों से सीधा संवाद…
कलेक्टर ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों के साथ बैठकर चर्चा की। इस दौरान पेयजल, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि समस्याओं का जल्द निराकरण किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रात्रि विश्राम का उद्देश्य….
कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने गांव में ही रात्रि विश्राम किया, जिससे प्रशासनिक अधिकारियों को गांव की वास्तविक परिस्थितियों को नजदीक से समझने का मौका मिला। रात के समय गांव की व्यवस्थाओं, सुरक्षा और सुविधाओं का भी जायजा लिया गया।
सुबह पुनः किया निरीक्षण…
अगले दिन सुबह कलेक्टर ने पुनः गांव का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने आंगनवाड़ी, स्कूल और अन्य सरकारी संस्थानों का निरीक्षण किया। साथ ही साफ-सफाई, जल व्यवस्था और निर्माण कार्यों की स्थिति भी देखी। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाएं समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं।
पुलिस अधीक्षक भी रहे साथ…
इस दौरान पुलिस अधीक्षक सूरज वर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों से कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा की और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर फीडबैक लिया। एसपी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस पूरी तरह सक्रिय है।
ग्रामीणों में बढ़ा भरोसा…
प्रशासन के इस पहल से ग्रामीणों में भरोसा बढ़ा है। लोगों का कहना है कि पहली बार अधिकारी गांव में आकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर समाधान का आश्वासन दे रहे हैं। इससे उन्हें उम्मीद जगी है कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा।
आगे भी जारी रहेगा अभियान…
कलेक्टर ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और जिले के अन्य गांवों में भी अधिकारी पहुंचकर इसी तरह रात्रि विश्राम करेंगे। इसका उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचाना और ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है।
कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने बताया मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार हम गांवों में जाकर रात्रि विश्राम कर रहे हैं। इससे हमें ग्रामीणों की वास्तविक समस्याओं को समझने का अवसर मिलता है और मौके पर ही उनके समाधान के लिए कार्यवाही की जा रही है।
दतिया में प्रशासन की यह पहल न केवल जमीनी हकीकत को समझने का जरिया बन रही है, बल्कि ग्रामीणों और प्रशासन के बीच दूरी को भी कम कर रही है। अब देखना होगा कि इस संवाद का असर योजनाओं के क्रियान्वयन पर कितना पड़ता है।


