*रिपोर्ट मानवेंद्र सिंह गुर्जर ध्रुव जी*
समथर झांसी:-नगर के अग्गा बाजार स्थित श्री सुखदेनी माता मंदिर के प्रांगण में श्री रामकथा के सप्तम दिवस पर कथाव्यास हरिहर मुदगिल शास्त्री ने कथा परीक्षित श्रीमती विजय कुमारी से श्री रामलला सरकार एवं व्यास गद्दी का वैदिक रीति रिवाज अनुसार पूजन आरती कर सप्तम दिवस की कथा सुनाते हुए सबरी कथा,सुंदरकांड,लंका कथा,राम राज्य अभिषेक का वर्णन कर बताया कि राम का नाम अनमोल है, यदि पापी भी राम का नाम लेता है तो उसे सदगति मिल जाती है। जिसके ह्दय में प्रभु के प्रति भाव जागते हैं, जिस पर हरि कृपा होती है। वह मनुष्य ही प्रभु की कथा में शामिल होता है। भगवान का आगमन सदैव धर्म की रक्षा के लिए हुआ है। रामायण हमें समाज के संस्कार, अच्छे-बुरे की पहचान सिखाती है। सच्ची भक्ति से ही भगवान की प्राप्ति की जा सकती है।
कथा के समापन के उपरांत आरती करते हुए भक्तों को महाप्रसाद वितरण किया गया। देर रात्रि कथा समापन के बाद हवन कार्यक्रम संपन्न हुआ।उक्त अवसर पर मंदिर के पुजारी राजेंद्र दुबे छोटे महाराज,ममता सुनील शर्मा, रजनी सुरेश दुबे,गीता अशोक झारखड़िया,इकप्रीत सुमित शर्मा,नेहा देवेश दुबे निक्की, शिवांशी शिवम झारखड़िया,नीलेश दुबे,सत्यम झारखड़िया,शिखर दुबे,कृष्णव शर्मा सहित धर्मप्रेमी उपस्थित रहे।


