कबीर और रहीम के दोहों की तरह आज भी पानी का महत्व उतना ही बड़ा है। “रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून” की पंक्तियाँ इस समय किसानों की स्थिति को बखूबी दर्शाती हैं। क्षेत्र के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार कर रहे हैं। पर्याप्त वर्षा न होने से खेतों की नमी कम हो गई है और फसलों की बढ़वार प्रभावित होने लगी है।
किसानों का कहना है कि समय पर अच्छी बारिश होने से खेती को नई जीवन शक्ति मिलेगी और पैदावार बेहतर होगी। यदि बारिश में और देरी होती है, तो किसानों की चिंता बढ़ सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में हर दिन मौसम पर नजर रखी जा रही है और सभी को जल्द अच्छी वर्षा होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञ भी मानते हैं कि खेती की सफलता काफी हद तक समय पर होने वाली बारिश पर निर्भर करती है। ऐसे में किसान प्रकृति से मेहरबानी की आस लगाए हुए हैं, ताकि खेत फिर से हरियाली से लहलहा उठें और मेहनत का पूरा फल मिल सके।,,,, बंगरा से संवाददाता चंदन सिंह कुशवाहा की रिपोर्ट


