*रिपोर्ट मानवेंद्र सिंह गुर्जर ध्रुव जी*
समथर झांसी:-नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र में अक्षय तृतीया (अक्ती) का पर्व वैदिक रीति रिवाज अनुसार मनाया गया। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र के मंदिरों में भगवान की पूजा अर्चना की गई। नगर के मोहल्ला लोहियाना में स्थित श्री श्यामदास जी मंदिर पर मन्दिर के महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर श्री नरहरिदास महाराज ने मंदिर में विराजमान ठाकुर जी का वैदिक रीति रिवाज अभिषेक एवं पूजन कर आरती की। मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ो श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। धनुषधारी मंदिर के महंत श्री 1008 वाल्मीकिदास जी महाराज ने बताया कि अक्षय तृतीया (बैशाख शुक्ल तृतीया) हिंदू धर्म में सबसे पवित्र और अभूज बिना पंचांग देखने वाली तिथि मानी जाती है,अक्षय का अर्थ है जो कभी समाप्त न हो इसलिए इस दिन किए गए दान, जप तप और पूजा का फल अनंत मिलता है।


