झांसी में एक निजी नर्सिंग होम से गंभीर मामला सामने आया है, जहां मरीज के तीमारदारों ने डॉक्टर और स्टाफ पर मारपीट, अभद्रता और इलाज के नाम पर भारी रकम मांगने का आरोप लगाया है।
पीड़ित परिवार के अनुसार, करीब चार दिन पहले वे अपने साढ़े तीन माह के पोते को बुखार होने पर मेडिकल कॉलेज के सामने स्थित एक प्राइवेट नर्सिंग होम में लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर ने बच्चे को भर्ती करने की सलाह दी, जिसके बाद परिवार ने भरोसा करते हुए 50,000 रुपये जमा कर दिए।
परिवार का आरोप है कि चार दिन बीतने के बाद भी बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। जब डॉक्टर से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कथित और पैसों की मांग की अतिरिक्त मांग कर दी। पैसे की व्यवस्था न होने पर डॉक्टर ने बच्चे को कहीं और ले जाने की बात कही।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने मौके पर 25,000 रुपये और जमा कर दिए और बाकी रकम की व्यवस्था करने के लिए समय मांगा। इसी बात पर डॉक्टर कथित तौर पर उग्र हो गए और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अभद्रता करने लगे। आरोप है कि इसके बाद नर्सिंग होम स्टाफ के साथ मिलकर पीड़ित परिवार और साथ आई महिलाओं के साथ मारपीट की गई।
घटना के बाद पीड़ित परिवार ने किसी तरह मौके से निकलकर पुलिस को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को अलग किया और मामले की जांच शुरू कर दी। पीड़ित परिवार ने संबंधित डॉक्टर और नर्सिंग होम के खिलाफ लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
परिवार का यह भी आरोप है कि उक्त डॉक्टर पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं और आए दिन ऐसे मामले सामने आते रहते हैं। इसके बावजूद प्रशासन द्वारा ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
लोगों का कहना है कि डॉक्टर को भगवान का दूसरा रूप माना जाता है, जिनका कर्तव्य मरीजों की बेहतर देखभाल करना होता है, लेकिन आरोप है कि यहां मरीजों की बजाय पैसों को प्राथमिकता दी जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। अब देखना होगा कि इन गंभीर आरोपों के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता।


