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February 4, 2026 7:17 am

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यूजीसी के नए कानून का विरोध,सवर्ण समाज ने बैठक कर जताया आक्रोश

 

31 जनवरी को उपजिलाधिकारी को सौपेंगे राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन

 

गुरसरांय(झांसी) 29 जनवरी गुरुवार को नगर के तालाब माता मंदिर परिसर में देशव्यापी यूजीसी बिल के विरोध में सवर्ण समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में तहसील गरौठा क्षेत्र के समस्त सवर्ण समाज संगठनों ने सहभागिता की। बैठक के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने एक स्वर में यूजीसी बिल को “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह कानून समाज को बाँटने का कार्य कर रहा है,जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सभी सवर्ण समाज संगठनों ने एकजुट होकर इस बिल का विरोध करने का आवाहन किया। उपस्थित लोगों ने बताया कि हम लोगों का किसी जाति या वर्ग से विरोध नहीं है। हमारा विरोध इस सवर्ण विरोधी कानून से है, जिसमें सवर्ण को सीधा गुनहगार घोषित कर दिया गया है। यदि यह कानून वापिस नहीं किया तो आज यह एक बैठक थी कल सड़कों पर उतर कर इस कानून को वापसी के लिए आवाज उठाएंगे और सरकार को कानून वापिस लेने के लिए मजबूर किया जाएगा।इस बिल को ‘काला कानून’ बताते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ी के लिए घातक होगा। ब्राह्मण,क्षत्रिय और वैश्य समाज एकजुट होकर इस कानून का पुरजोर विरोध करेंगे।इसी क्रम में यह निर्णय लिया गया कि 31 जनवरी को यूजीसी बिल के विरोध में उपजिलाधिकारी गरौठा को राष्ट्रपति,प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन दिया जायेगा। सभी लोग 31 जनवरी को सुबह 11:00 बजे तालाब माता मंदिर पर एकत्रित होकर गरौठा ज्ञापन के लिए प्रस्थान करेंगे। बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि सवर्ण समाज अब इस मुद्दे पर आर-पार की लड़ाई लड़ने की तैयारी कर चुका है और समाज के अधिकारों के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।इस मौके पर सभी सवर्ण समाज के लोग उपस्थित रहे।

Nitya Express
Author: Nitya Express

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