मोंठ (झांसी)।आगामी 23 जनवरी से आयोजित होने जा रही श्रीरामकथा अमृत वर्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इसी क्रम में श्रीरामकथा के आयोजक राम जी परिहार द्वारा नगर मोंठ में व्यापक भ्रमण जनसंपर्क किया गया। इस दौरान उन्होंने अक्षत-चावल एवं निमंत्रण पत्र वितरित कर नगरवासियों को धार्मिक आयोजन में सहभागिता हेतु आमंत्रित किया।
आयोजक द्वारा सराफा बाजार, बर्तन बाजार, लोहा बाजार, किराना मार्केट, सब्जी मंडी एवं विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों में पहुंचकर दुकानदारों, व्यापारियों, समाजसेवियों, नगर के गणमान्य नागरिकों, माता-बहनों एवं बुजुर्गों से आत्मीय भेंट की गई। उन्होंने स्नेहपूर्वक हाथ जोड़कर बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया तथा सभी से श्रीरामकथा में सपरिवार सम्मिलित होने का आग्रह किया। जनसंपर्क अभियान के दौरान नगर में धार्मिक उत्साह एवं भक्ति का वातावरण दिखाई दिया।
इस अवसर पर आयोजक राम जी परिहार ने नगर के ऐतिहासिक किले का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि श्रीरामकथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, मर्यादा, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने वाला पावन अनुष्ठान है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन चरित्र प्रत्येक व्यक्ति को कर्तव्य, त्याग एवं अनुशासन का संदेश देता है।
उन्होंने बताया कि कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, इसी को ध्यान में रखते हुए सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण की जा रही हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। साथ ही कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि रखी जाए।
कार्यक्रम संयोजक की ओर से जानकारी दी गई कि 23 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित श्रीरामकथा अमृत वर्षा में सुप्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य शांतनु जी महाराज द्वारा श्रीरामकथा का रसपान कराया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री श्री 1008 महंत वैदेही बल्लभ शरण जी महाराज, वामन मंदिर, अयोध्या धाम द्वारा की जाएगी।
आयोजन के अंतर्गत 24 जनवरी को भजन संध्या, 25 जनवरी को रासलीला, 26 जनवरी को भजन संध्या, 27 जनवरी को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन, 28 जनवरी को श्री खाटू श्याम जी भजन संध्या, 29 जनवरी को बुंदेली नाइट, 30 जनवरी को भजन संध्या तथा 1 फरवरी 2026 को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
आयोजकों ने नगरवासियों से इस आध्यात्मिक महोत्सव में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म, भक्ति एवं संस्कृति के इस अनुपम संगम का लाभ लेने की अपील की।
झांसी मोंठ से वरिष्ठ संवाददाता कोमल सिंहपरिहार


