भांडेर – नेत्र ज्योति मिलने पर नेत्र रोगी संसार की खूबसूरत दुनिया से प्रत्यक्ष हो सकता है। नेत्र शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। नेत्र ज्योति प्रदान करने का कार्य सबसे बड़ा पुण्य कार्य है आँखों के बिना दुनिया में अंधकार है। उक्त बात पूर्व नप अध्यक्ष बृजकिशोर बल्ले रावत ने दतिया रोड स्थित शुक्ला गार्डन में रतनज्योति चैरिटेबल फाउण्डेशन ग्वालियर के सहयोग से निःशुल्क नेत्र शिविर के आयोजन के शुभारंभ के अवसर पर कही | उन्होने कहा कि नेत्र ज्योति प्रदान करना मानव जीवन का सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। जब किसी नेत्रहीन व्यक्ति को पुनः दृष्टि प्राप्त होती है, तो वह केवल देखने की क्षमता ही नहीं पाता, बल्कि उसके जीवन में नई आशा, आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का संचार होता है। उन्होंने कहा कि ऐसे सेवाभावी कार्य समाज को संही दिशा देते हैं और मानवता के मूल्यों को मजबूत बनाते हैं। इस अवसर पर उन्होंने चिकित्सकों एवं शिविर में सहयोग कर रहे समाजसेवियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह कार्य ईश्वर की सच्ची पूजा के समान है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को ऐसे कार्यों में योगदान देना चाहिए। नेत्र शिविर में लगभग 120 लोगों ने निःशुल्क नेत्र परीक्षण के लिए आवेदन दिये थे जिनका परीक्षण रतन ज्योति चेरेटेबिल फाउण्डसेशन ग्वालियर से आए चिकित्सकों द्वारा किया गया | जिसमें 85 लोगों के नेत्र परीक्षण किए गए एवं 35 लोगों को नेत्र ऑपरेशन के लिए चयनित किया गया | नेत्र परीक्षण का आयोजन दतिया रोड स्थित शुक्ला गार्डन में पूर्व नप अध्यक्ष बृजकिशोर बल्ले रावत द्वारा आयोजित किया गया| इस अवसर पर डॉ. आर.एस. परिहार, मंडल अध्यक्ष धीरज पाराशर, ओमप्रकाश रावत, विशुन सिंह यादव, उमाशंकर समाधिया, समीर माफीदार, रवि शंकर गुप्ता, विनोद चतुर्वेदी, चतुर्भुज साहु राहुल चौबे, विवेक रावत, शिव रावत सहित आदि लोग उपस्थित रहे|।


