“झांसी में इंसानों ने गाड़ियों को साफ रखने के लिए प्रकृति का कत्ल कर डाला!
40 साल पुराना पीपल का पेड़ काटने से न सिर्फ पक्षियों का बसेरा उजड़ा, बल्कि कई मासूम परिंदों की जान चली गई।
पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए 7 लोगों को गिरफ्तार किया।
“झांसी के प्रेमनगर इलाके में 40 साल पुराना पीपल का पेड़ इंसानी हठ का शिकार हो गया।
कारों पर गिरने वाली पक्षियों की बीट से परेशान लोगों ने पेड़ को काट डाला।
इस पेड़ पर कई प्रजातियों के पक्षियों के घोंसले थे, जिनमें अंडे और मासूम बच्चे भी मौजूद थे।
पेड़ कटते ही दर्जनों घोंसले टूट गए, कई अंडे बिखर गए और 15 पक्षियों की मौके पर मौत हो गई।
सोशल वर्कर्स मौके पर पहुंचे, घायल पक्षियों को रेस्क्यू किया गया, लेकिन दृश्य बेहद दर्दनाक था।
पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, जैव विविधता अधिनियम और वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्यवाही अमल में लाई गई है। पुलिस का संदेश साफ है।
पेड़ काटोगे… तो जेल काटोगे! ”


